रविवार, 2 दिसंबर 2012
जनपक्ष: भारत में विज्ञान का इतिहास और भौतिकवाद
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शुक्रवार, 30 नवंबर 2012
पढ़ते-पढ़ते: अरुंधती राय : केजरीवाल के खुलासे
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रविवार, 9 सितंबर 2012
YOUNG AZAMGARH: समाजवाद क्यों ? - एल्बर्ट आइंस्टीन
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मंगलवार, 10 जुलाई 2012
बाज़ार
Monday, July 2, 2012
बादल हैं या
हवा के जाल फँसी
ह्वेल मछलियाँ हैं ,
घसीटता मछुआरा
ले जाता खैंच
पश्चिमी बाज़ार
अरे ! क्या इनको भी
डालेगा बेंच ??
हवा के जाल फँसी
ह्वेल मछलियाँ हैं ,
घसीटता मछुआरा
ले जाता खैंच
पश्चिमी बाज़ार
अरे ! क्या इनको भी
डालेगा बेंच ??
सुबूत
ऐसे भागा
जैसे गलत पते पर बरस गया हो ,
अपने उस भाई से
जो सूरज ढके हुए था
हटने को बोल गया
ताकि बरसा हुआ पानी
जल्दी सूख जाए
और इस तरह उसने
अपनी गलती का
कोई सुबूत नहीं छोड़ा !
लाल चुन्नी जाग !!
Sunday
इस बार भी आएगा
वो भेड़िया
अपने कृपा-हास में दाँत ,
वरद-हस्त में नाखून
और
मधुर शब्दों में
मसूढ़ों की लालिमा छिपाए
नन्ही लाल चुन्नी की नानी बनकर
और शायद इस बार
एन मौके पर
कोई लकड़हारा
उधर से न गुजरे !
वो भेड़िया
अपने कृपा-हास में दाँत ,
वरद-हस्त में नाखून
और
मधुर शब्दों में
मसूढ़ों की लालिमा छिपाए
नन्ही लाल चुन्नी की नानी बनकर
और शायद इस बार
एन मौके पर
कोई लकड़हारा
उधर से न गुजरे !
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